Wed. May 25th, 2022
aarti ram ji ki

aarti ram ji ki : भगवांन राम को मर्यादा पुरषोत्तम के नाम से जाना जाता है| जो भी भक्त भगवान् राम की आरती को सच्चे मन और श्रध्दा से पूजा और आरती करता है तो भगवान राम अपने भक्तो की सभी मनोकामना को पूर्ण करते है|

भगवान राम जी की 2 से 3 आरती गए जाती है,आज हम आपको अपने इस लेख राम जी की प्रमुख 2 आरती बता रहे है| अगर आप राम जी की आरती हिंदी या इंग्लिश में ढूंढ रहे है तो आप बिलकुल सही पेज पर पहुँच गए है |

aarti ram ji ki
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रामचंद्र जी की आरती, श्री राम की आरती, श्री राम जी की आरती, आरती राम जी की हिंदी में

आरती कीजै रामचन्द्र जी की।
हरि-हरि दुष्टदलन सीतापति जी की॥

पहली आरती पुष्पन की माला।
काली नाग नाथ लाये गोपाला॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

दूसरी आरती देवकी नन्दन।
भक्त उबारन कंस निकन्दन॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

तीसरी आरती त्रिभुवन मोहे।
रत्‍‌न सिंहासन सीता रामजी सोहे॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

चौथी आरती चहुं युग पूजा।
देव निरंजन स्वामी और न दूजा॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

पांचवीं आरती राम को भावे।
रामजी का यश नामदेव जी गावें॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

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आरती श्री रामचन्द्र जी की
जगमग जगमग जोत जली है । राम आरती होन लगी है॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

भक्ति का दीपक प्रेम की बाती । आरति संत करें दिन राती॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

आनन्द की सरिता उभरी है । जगमग जगमग जोत जली है॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

कनक सिंघासन सिया समेता । बैठहिं राम होइ चित चेता॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

वाम भाग में जनक लली है । जगमग जगमग जोत जली है॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

आरति हनुमत के मन भावै । राम कथा नित शंकर गावै॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

सन्तों की ये भीड़ लगी है । जगमग जगमग जोत जली है॥ आरती कीजै रामचन्द्र……॥

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Shri Ram Aarti
Aarti Kije Ramchandr Ki|
hari-hari Dushtdalan Sitapati Ji Ki॥

Pahli Aarti Pushpan Ki Maala|
Kaali Naag Naath Laaye Gopala॥ Aarti Kije ……॥

Dusari Aarti Devaki Nandan|
Bhakt Ubaaran Kans Nikandan॥ Aarti Kije ……॥

Tisri Aarti Tribhuvan Mohe|
Ratn Sinhaasan Sita Ram Ji Sohe॥ Aarti Kije ……॥

Chauthi Aarti Chahun Yug Puja|
Dev Niranjan Svaami Aur Na Duja॥ Aarti Kije ……॥

Paanchvi Aarti Ram Ko Bhaave|
Ramji Kaa Yash Namdev ji Gaave॥ Aarti Kije ……॥

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Jagmag Jagmag Jayot Jali Hai|
Ram Aarti Hon Lagi Hai॥ Aarti Kije ……॥

Bhakti Kaa Dipak Prem Ki Baati|
Aarti Sant Kare Din Raati॥ Aarti Kije ……॥

Anand Ki Sarita Ubhari Hai|
Jagmag Jagmag Jyot Jali Hai॥ Aarti Kije ……॥

Kanak Singhaasan Siya Sameta|
Baithahi Ram Hoi Chit Cheta॥ Aarti Kije ……॥

Vaam Bhag Mein Janak Lali Hai|
Jagmag Jagamag Jyot Jali Hai॥ Aarti Kije ……॥

Aarti Hanumat Ke Man Bhave|
Rama Katha Nit Shankar Gaave॥ Aarti Kije ……॥

Santo Ki Ye Bheed Lagi Hai|
Jagmag Jagamag Jyot Jali Hai॥ Aarti Kije ……॥

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