special baba ramdev ji ki aarti , बाबा रामदेव जी की आरती

special baba ramdev ji ki aarti , बाबा रामदेव जी की आरती

baba ramdev ji ki aarti : बाबा रामदेव जी का जन्म संवत् 1409 में राजस्थान के एक गांव में हुआ था, उनके पिता का नाम राजा अजमल जी था। जिस समय बाबा रामदेव जी का जन्म हुआ तभी वहां के मंदिरों में घंटियां अपने आप बजने लगीं, सारा नगर बहुत तेज लाइट से जगमगाने लगा, महल में रखा पानी भी दूध बन गया और महल में बने हुए मंदिर में मौजूद शंख भी अपने आप बजने लगा।

तभी राजा अजमल जी को धयान आया की भगवान द्वारकानाथ ने उन्हें वचन दिया था की वो उनके घर अवतार लेंगे,फिर राजा ने द्वारकानाथ भगवान की जय बोलते हुए शीश झुका लिया|ऐसी मान्यता है कि बाबा रामदेव ने मानवता के हित के लिए अवतरण लिया था|

जैसलमेर जिले से 13 किलोमीटर दूर राजसी श्री रामदेव मंदिर में बाबा रामदेव की समाधि बनी हुई है। कुछ हिन्दू धर्म के लोग उन्हें कृष्ण भगवान के अवतार के रूप में मानते है, मुस्लिम धर्म के लोग उन्हें रामशाह पीर के रूप में मानते हैं। ऐसा बताया जाता है की बाबा रामदेव के पास बहुत सारी चमत्कारिक शक्तियां होने की वजह से वो दूर-दूर तक प्रसिद्ध थे।

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रामदेव जी की आरती, रामदेव बाबा की आरती

ओउम जय श्री रामादे स्वामी जय श्री रामादे।
पिता तुम्हारे अजमल मैया मेनादे।।

रूप मनोहर जिसका घोड़े असवारी।
कर में सोहे भाला मुक्तामणि धारी।। ओउम जय श्री रामादे …।।

विष्णु रूप तुम स्वामी कलियुग अवतारी।
सुरनर मुनिजन ध्यावे जावे बलिहारी।। ओउम जय श्री रामादे …।।

दुख दलजी का तुमने भर में टारा।
सरजीवन भाण को तुमने कर डारा।। ओउम जय श्री रामादे …।।

नाव सेठ की तारी दानव को मारा।
पल में कीना तुमने सरवर को खारा।। ओउम जय श्री रामादे …।।

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रामदेव महाराज की पहली आरती आपने ऊपर पद ली होगी अब हम आपको बाबा रामदेव की दूसरी आरती के बारे में जानकारी उपलब्ध करा रहे है –

जय अजमल लाला प्रभु, जय अजमल लाला|
भक्‍त काज कलयुग में लीनो अवतारा, जय अजमल लाल||

अश्‍वनकी अवसारी शोभीत केशरीया जामा ।
शीस तुर्रा हद शोभीत हाथ लीया भाला|| जय अजमल….||

डुब्‍त जहाज तीराई भैरव दैत्‍य मारा ।
कृष्‍णकला भयभजन राम रूणेचा वाला || जय अजमल लाला….||

अंधन को प्रभु नेत्र देत है सु संपती माया ।
कानन कुंडल झील मील गल पुष्‍पनमाल || जय अजमल ….||

कोढी जय करूणा कर आवे होंय दुखीत काया ।
शरणागत प्रभु तोरी भक्‍तन सुन दाया || जय अजमल लाला….||

आरती रामदेव जी की नर नारी गावे ।
कटे पाप जन्‍म-जन्‍म के मोंक्षां पद पावे || जय अजमल….||

जय अजमल लाला प्रभु, जय अजमल लाला ।
भक्‍त काज कलयुग में लीनो अवतारा || जय अजमल लाला प्रभु….||

अजमल का कंवरा की होवे आरती, रामसा पीर बाबा की आरती

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