Wed. May 25th, 2022
Brihaspati ki Aarti

Brihaspati ki Aarti : बृहस्पति या गुरूवार या वीरवार के दिन भगवान बृहस्पति की पूजा की जाती है| बृहस्पति देव को बुद्धि और शिक्षा का देवता कहा और माना जाता है| इसलिए जो भी नर या नारी बृहस्पति देव की पूजा अर्चना सच्चे मन से करता है उसे धन, विधा, पुत्र तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति बहुत जल्द होती है और परिवार में सुख तथा शांति बनी रहती है| गुरुवार का व्रत करने से जल्दी विवाह होने का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है| इस दिन व्रत करने वाली महिला को पीले रंग के कपडे,भगवान् को पीले फूल चढ़ाने चाहिए, भोजन में चने की दान,पीले चावल या पीली मिठाई आदि का भोग लगाना चाहिए| चलिए अब हम आपको बृहस्पति भगवान की आरती (Brihaspati ki Aarti) बताते है –

Brihaspati ki Aarti

श्री बृहस्पति देव की आरती, बृहस्पतिवार की आरती ,बृहस्पति भगवान की आरती

जय वृहस्पति देवा, ऊँ जय वृहस्पति देवा ।
छिन छिन भोग लगा‌ऊँ,कदली फल मेवा ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी ।
जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥
चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता ।
सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥
तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े ।
प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्घार खड़े ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥
दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी ।
पाप दोष सब हर्ता, भव बंधन हारी ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥
सकल मनोरथ दायक, सब संशय हारो ।
विषय विकार मिटा‌ओ, संतन सुखकारी ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥
जो को‌ई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे ।
जेठानन्द आनन्दकर, सो निश्चय पावे ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥
सब बोलो विष्णु भगवान की जय ।
बोलो वृहस्पतिदेव भगवान की जय ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा..॥

 

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Agar aapne Brihaspativaar ka vrat rakha hai or aap Thursday ya Brihaspati ki Aarti English me dhund rahe hai to is lekh me hum aapko Thursday aarti English me uplabdh kara rahe hai.  google or bing par dhundne se aapko jaldi se English me Thursday  ki aarti nahi milegi.  

Om Jai Bhraspati Deva, Jai Bhraspati Deva ।
Chin Chin Bhog Lagaoo, kadli Phal Mewa ॥ Om Jai Bhraspati Deva …॥

Tum Puran Parmatama, Tum Antaryami।
Jagatpita Jagdeeshvar Tum Sabke Swami ॥
Om Jai Bhraspati Deva …॥

Charnaamrit Nij Nirmal, Sab Patak Harta ।
Sakal Manorath Dayak, Kripa Karo Bharta ॥
Om Jai Bhraspati …॥

Tan, Mann,dhann Arpan kar Jo Jann Sharan Pade ।
Prabhu Prakat Tab Hokar, Aakar Dwar Khade ॥
Om Jai Bhraspati..॥

DeenDayal Dayaniddhi, Bhaktan Hitkari ।
Paap Dosh Sab Harta, Bhav Bandhan Haari ॥
Om Jai Bhraspati ..॥

Sakal Manorath Dayak, Sab Sanshay Haro ।
Vishay Vikar Mitao, Santan Sukhkari ॥
Om Jai Bhraspati Deva …॥

Jo Koi Aarti Teri Prem Sahit Gave ।
Jethanand aanandkar, So Nischay Pave ॥
Om Jai Bhraspati Deva …॥

Sab Bolo Vishnu Bhagwan Ki Jai ।
Sab Bolo Bhraspati Bhagwan Ki Jai ॥
Om Jai Bhraspati Deva …॥

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वीरवार की आरती, बृहस्पति महाराज की आरती, ओम जय बृहस्पति देवा आरती

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